Milta Hai Ham Ko Kya Kya Khwaja Teri Gali Mein Naat Lyrics

Milta Hai Ham Ko Kya Kya Khwaja Teri Gali Mein Naat Lyrics

 

या ख़्वाजा पिया ! या ख़्वाजा पिया !
या ख़्वाजा पिया ! या ख़्वाजा पिया !

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

निस्बत से तेरी मेरा ज़माने में भरम है
ऐसा, मेरे ख़्वाजा ! तेरा अंदाज़-ए-करम है

मिलता है हम को क्या क्या ! ख़्वाजा ! तेरी गली में
शोहरत तेरी गली में, रुत्बा तेरी गली में

मिलता है हम को क्या क्या !

लाखों भटकते लोगों को मिल गया है अक्सर
दीन-ए-मुहम्मदी का रस्ता तेरी गली में

दीन-ए-मुहम्मदी का

तेरा दर मिल गया हम को, सहारा हो तो ऐसा हो !
तेरे टुकड़ों पे पलते हैं, गुज़ारा हो तो ऐसा हो !

दीन-ए-मुहम्मदी का रस्ता तेरी गली में

दीन-ए-मुहम्मदी का

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

अफ़सर हों या मिनिस्टर, आते हैं सब यहाँ पर
देखा बड़े बड़ों को मँगता तेरी गली में

देखा बड़े बड़ों को

सरापा दीद बन कर हसरत-ए-दीदार में आए
जिसे फूलों में रहना हो वो इस गुलज़ार में आए

जो बेताब-ए-तमन्ना हो, तेरी सरकार में आए
ख़ुदा जिस को न मिलता हो वो इस दरबार में आए

देखा बड़े बड़ों को मँगता तेरी गली में

देखा बड़े बड़ों को

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

ए दुनिया वाले ! ‘इश्क़ की दुनिया में आ के देख
गर रब को समझना है तो सज्दे में जा के देख
सज्दे को समझना है तो सर को कटा के देख
गर सर को समझना है तो दर पर झुका के देख
गर दर को समझना है तो ख़ुद को मिटा के देख
इतने में भी अगर न तुझे आए कुछ समझ
चेहरे से अपने पीर का पर्दा उठा के देख

हो क़ुत्ब या क़लंदर, जमशेद या सिकंदर
हम ने सभी को पाया ख़्वाजा तेरी गली में

हम ने सभी को पाया

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

दुनिया को जो पिलाया अशरफ़ पिया ने आ कर
रिंदों को मिल गया वो प्याला तेरी गली में

रिंदों को मिल गया वो

उन के दरिया-ए-करम से माँग लो दो चार बूँद
वर्ना महशर में प्याला ढूँढते रह जाओगे

रिंदों को मिल गया वो प्याला तेरी गली में

रिंदों को मिल गया वो

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

मुज़्तर था ये मुनव्वर, तस्कीन-ए-दिल की ख़ातिर
इस ने सुकूँ का पाया सदक़ा तेरी गली में

इस ने सुकूँ का पाया

बिगड़ा, बिगड़ा नहीं रहता है, सँवर जाएगा
सब्र से काम ले, दामन तेरा भर जाएगा

इस ने सुकूँ का पाया सदक़ा तेरी गली में

इस ने सुकूँ का पाया

मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !
मेरे ख़्वाजा पिया ! मेरे ख़्वाजा पिया !

शायर:
सय्यिद नूर मियाँ

नात-ख़्वाँ:
शब्बीर बरकाती – हस्सान रज़ा क़ादरी
सैफ़ुल्लाह ख़ान – महमूद रज़ा क़ादरी
सलमान रज़ा अशरफ़ी – सय्यिद अब्दुल क़ादिर क़ादरी
मुईनुद्दीन बुलबुल-ए-मुस्तजाब

 

ya KHwaja piya ! ya KHwaja piya !
ya KHwaja piya ! ya KHwaja piya !

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

nisbat se teri mera zamaane me.n bharam hai
aisa, mere KHwaja ! tera andaaz-e-krama hai

miltaa hai ham ko kya kya ! KHwaja ! teri galee me.n
shohrat teri galee me.n, rutbaa teri galee me.n

miltaa hai ham ko kya kya !

laakho.n bhatakte logo.n ko mil gayaa hai aksar
deen-e-muhammadi ka rastaa teri galee me.n

deen-e-muhammadi ka

tera dar mil gayaa ham ko, sahaara ho to aisa ho !
tere tuk.Do.n pe palte hai.n, guzaara ho to aisa ho !

deen-e-muhammadi ka

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

afsar ho.n ya minister, aate hai.n sab yahaa.n par
dekha ba.De ba.Do.n ko mangtaa teri galee me.n

dekha ba.De ba.Do.n ko

saraapaa deed ban kar hasrat-e-deedaar me.n aae
jise phoolo.n me.n rahna ho wo is gulzaar me.n aae

jo betaab-e-tamanna ho, teri sarkaar me.n aae
KHuda jis ko na milta ho wo is darbaar me.n aae

dekha ba.De ba.Do.n ko mangtaa teri galee me.n

dekha ba.De ba.Do.n ko

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

ai duniya waale ! ‘ishq kee duniya me.n aa ke dekh
gar rab ko samajhna hai to sajde me.n jaa ke dekh
sajde ko samajhna hai to sar ko kaTaa ke dekh
gar sar ko samajhna hai to dar par jhuka ke dekh
gar dar ko samajhna hai to KHud ko miTaa ke dekh
itne me.n bhi agar na tujhe aae kuchh samajh
chehre se apne peer ka parda uThaa ke dekh

ho qutb ya qalandar, jamshed ya sikandar
ham ne sabhi ko paayaa KHwaja teri galee me.n

ham ne sabhi ko paayaa

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

duniya ko jo pilaayaa ashraf piya ne aa kar
rindo.n ko mil gayaa wo pyaalaa teri galee me.n

rindo.n ko mil gayaa wo

un ke dariyaa-e-karam se maa.ng lo do chaar boo.nd
warna mahshar me.n pyaalaa Dhoo.nDhte rah jaaoge

rindo.n ko mil gayaa wo pyaalaa teri galee me.n

rindo.n ko mil gayaa wo

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

muztar tha ye Munawwar, taskeen-e-dil kee KHaatir
is ne sukoo.n ka paayaa sadqa teri galee me.n

is ne sukoo.n ka paayaa

big.Da, big.Da nahi.n rahta hai, sa.nwar jaaegaa
sabr se kaam le, daaman tera bhar jaaegaa

is ne sukoo.n ka paayaa sadqa teri galee me.n

is ne sukoo.n ka paayaa

mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !
mere KHwaja piya ! mere KHwaja piya !

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