Tum Bhi Kar Ke Unka Charcha Apne Dil Chamkao Naat Lyrics

Tum Bhi Kar Ke Unka Charcha Apne Dil Chamkao Naat Lyrics

 

 

Pukaro Ya Rasoolallah | Pukaro Ya Rasool Allah | Tum Bhi Kar Ke Unka Charcha Apne Dil Chamkao

 

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

तुम भी कर के उन का चर्चा
अपने दिल चमकाओ
ऊँचे में ऊँचा नबी का झंडा
आ’ला से आ’ला नबी का झंडा
‘अज़मत वाला नबी का झंडा
घर घर में लहराओ

पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

या रसूलल्लाह के ना’रे से हम को प्यार है
हम ने ये ना’रा लगाया, अपना बेड़ा पार है

सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
सोहणे की आमद ! मरहबा !
मक्की की आमद ! मरहबा !
मदनी की आमद ! मरहबा !
प्यारे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
अच्छे की आमद ! मरहबा !
सच्चे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
पुर-नूर की आमद ! मरहबा !
आक़ा की आमद ! मरहबा !
दाता की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

ख़ुल्द में होगा हमारा दाख़िला इस शान से
या रसूलल्लाह का ना’रा लगाते जाएँगे

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

रब्बी हब ली उम्मती कहते हुए पैदा हुए
हक़ ने फ़रमाया कि बख़्शा, अस्सलातु व-स्सलाम

सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
मनठार की आमद ! मरहबा !
सोहणे की आमद ! मरहबा !
मक्की की आमद ! मरहबा !
मदनी की आमद ! मरहबा !
प्यारे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
अच्छे की आमद ! मरहबा !
सच्चे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
पुर-नूर की आमद ! मरहबा !
आक़ा की आमद ! मरहबा !
दाता की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

चाँद सा चमकाते चेहरा, नूर बरसाते हुए
आ गए बदरुद्दुजा, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

आमिना के घर में आक़ा की विलादत हो गई
मरहबा सद मरहबा, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

बैत-ए-अक़्सा, बाम-ए-का’बा, बर-मकान-ए-आमिना
नस्ब परचम हो गया, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

पुर-नूर है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत
पर्दा उठा है किस का सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

जल्वा है हक़ का जल्वा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत
साया ख़ुदा का साया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

फ़स्ल-ए-बहार आई, शक्ल-ए-निगार आई
गुलज़ार है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

फूलों से बाग़ महके, शाख़ों पे मुर्ग़ चहके
‘अहद-ए-बहार आया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

दिल जगमगा रहे हैं, क़िस्मत चमक उठी है
फैला नया उजाला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आई नई हुकूमत, सिक्का नया चलेगा
‘आलम ने रंग बदला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

रूह-उल-अमीं ने गाड़ा का’बे की छत पे झंडा
ता-‘अर्श उड़ा फरेरा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

पढ़ते हैं ‘अर्श वाले, सुनते हैं फ़र्श वाले
सुल्तान-ए-नौ का ख़ुत्बा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

दिन फिर गए हमारे, सोते नसीब जागे
ख़ुर्शीद ही वो चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

प्यारे रबी’-उल-अव्वल ! तेरी झलक के सदक़े
चमका दिया नसीबा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

नौशा बनाओ उन को, दूल्हा बनाओ उन को
है ‘अर्श तक ये शोहरा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

शादी रची हुई है, बजते हैं शादियाने
दूल्हा बना वो दूल्हा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

‘अर्श-ए-‘अज़ीम झूमे, का’बा ज़मीन चूमे
आता है ‘अर्श वाला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आमद का शोर सुन कर, घर आए हैं भिकारी
घेरे खड़े हैं रस्ता सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आओ फ़क़ीरो ! आओ, मुँह माँगी आस पाओ
बाब-ए-करीम है वा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

सूखी ज़बानों ! आओ, ऐ जलती जानो ! आओ
लहरा रहा है दरिया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

तेरी चमक दमक से ‘आलम चमक रहा है
मेरे भी बख़्त चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

बाँटा है दो-जहाँ में तू ने ज़िया का बाड़ा
दे दे हसन का हिस्सा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

‘ईद-ए-मीलादुन्नबी है, दिल बड़ा मसरूर है
हर तरफ़ है शादमानी, रंज-ओ-ग़म काफ़ूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

इस तरफ़ जो नूर है तो उस तरफ़ भी नूर है
ज़र्रा ज़र्रा सब जहाँ का नूर से मा’मूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

ग़म के बादल छट गए और ग़म के मारे झूम उठे
आ गया ख़ुशियाँ लिए माह-ए-रबीउन्नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

आमिना ! तुझ को मुबारक शाह का मीलाद हो
तेरा आँगन नूर, तेरा घर का घर सब नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

जश्न-ए-मीलादुन्नबी है, क्यूँ न झूमें आज हम
मुस्कुराती हैं बहारें, सब फ़ज़ा पुर-नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !
मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
सोहणे की आमद ! मरहबा !
मक्की की आमद ! मरहबा !
मदनी की आमद ! मरहबा !
प्यारे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
अच्छे की आमद ! मरहबा !
सच्चे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
पुर-नूर की आमद ! मरहबा !
आक़ा की आमद ! मरहबा !
दाता की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

सुब्ह तयबा में हुई, बटता है बाड़ा नूर का
सदक़ा ले ने नूर का, आया है तारा नूर का

मैं गदा तू बादशाह, भर दे पियाला नूर का
नूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

तेरी नस्ल-ए-पाक में है बच्चा बच्चा नूर का
तू है ‘ऐन-ए-नूर, तेरा सब घराना नूर का

नारियों का दौर था, दिल जल रहा था नूर का
तुम को देखा हो गया ठंडा कलेजा नूर का

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

ताज वाले ! देख कर तेरा ‘अमामा नूर का
सर झुकाते हैं इलाही बोल-बाला नूर का

ऐ रज़ा ! ये अहमद-ए-नूरी का फ़ैज़-ए-नूर है
हो गई मेरी ग़ज़ल बढ़ कर क़सीदा नूर का

सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
सोहणे की आमद ! मरहबा !
मक्की की आमद ! मरहबा !
मदनी की आमद ! मरहबा !
प्यारे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
अच्छे की आमद ! मरहबा !
सच्चे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
पुर-नूर की आमद ! मरहबा !
आक़ा की आमद ! मरहबा !
दाता की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

या हबीब-ए-किब्रिया ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा
मुस्तफ़ा-ओ-मुज्तबा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा

पेशवा-ए-अंबिया ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा
मुरसलीं के मुक़्तदा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा

सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
सोहणे की आमद ! मरहबा !
मक्की की आमद ! मरहबा !
मदनी की आमद ! मरहबा !
प्यारे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
अच्छे की आमद ! मरहबा !
सच्चे की आमद ! मरहबा !
हुज़ूर की आमद ! मरहबा !
पुर-नूर की आमद ! मरहबा !
आक़ा की आमद ! मरहबा !
दाता की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
सब झूम के बोलो ! मरहबा !

ना’त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी

 

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

tum bhi kar ke un ka charcha
apne dil chamkaao
unche me.n uncha nabi ka jhanda
aa’la se aa’la nabi ka jhanda
‘azmat waala nabi ka jhanda
ghar ghar me.n lehraao

pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

ya rasoolallah ke naa’re se ham ko pyaar hai
ham ne ye naa’ra lagaaya, apna be.Da paar hai

sarkaar ki aamad ! marhaba !
dildaar ki aamad ! marhaba !
sohne ki aamad ! marhaba !
makki ki aamad ! marhaba !
madani ki aamad ! marhaba !
pyaare ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
achchhe ki aamad ! marhaba !
sachche ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
pur-noor ki aamad ! marhaba !
aaqa ki aamad ! marhaba !
daata ki aamad ! marhaba !
sab mil kar bolo ! marhaba !
sab jhoom ke bolo ! marhaba !

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

KHuld me.n hoga hamaara daaKHila is shaan se
ya rasoolallah ka naa’ra lagaate jaaenge

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

rabbi hab lee ummati kehte hue paida hue
haq ne farmaaya ki baKHsha, assalaatu wa-ssalaam

sarkaar ki aamad ! marhaba !
dildaar ki aamad ! marhaba !
sohne ki aamad ! marhaba !
makki ki aamad ! marhaba !
madani ki aamad ! marhaba !
pyaare ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
achchhe ki aamad ! marhaba !
sachche ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
pur-noor ki aamad ! marhaba !
aaqa ki aamad ! marhaba !
daata ki aamad ! marhaba !
sab mil kar bolo ! marhaba !
sab jhoom ke bolo ! marhaba !

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

chaand saa chamkaate chehra, noor barsaate hue
aa gae badrudduja, ahla-wwa-sahlan marhaba

bait-e-aqsa, baam-e-kaa’ba, bar-makaan-e-aamina
nasb parcham ho gaya, ahla-wwa-sahlan marhaba

pur-noor hai zamaana sub.h-e-shab-e-wilaadat
parda uTha hai kis ka sub.h-e-shab-e-wilaadat

jalwa hai haq ka jalwa sub.h-e-shab-e-wilaadat
saaya KHuda ka saaya sub.h-e-shab-e-wilaadat

fasl-e-bahaar aai, shakl-e-nigaar aai
gulzaar hai zamaana sub.h-e-shab-e-wilaadat

phoolo.n se baaG mehke, shaaKHo.n pe murG chehke
‘ahd-e-bahaar aaya sub.h-e-shab-e-wilaadat

dil jagmaga rahe hai.n, qismat chamak uThi hai
phaila naya ujaala sub.h-e-shab-e-wilaadat

aai nai hukoomat, sikka naya chalega
‘aalam ne rang badla sub.h-e-shab-e-wilaadat

rooh-ul-amee.n ne gaa.Da kaa’be ki chhat pe jhanda
taa-‘arsh u.Da pharera sub.h-e-shab-e-wilaadat

pa.Dhte hai.n ‘arsh waale, sunte hai.n farsh waale
sultaan-e-nau ka KHutba sub.h-e-shab-e-wilaadat

din phir gae hamaare, sote naseeb jaage
KHursheed hi wo chamka sub.h-e-shab-e-wilaadat

pyaare rabi’-ul-awwal ! teri jhalak ke sadqe
chamka diya naseeba sub.h-e-shab-e-wilaadat

nausha banaao un ko, dulha banaao un ko
hai ‘arsh tak ye shohra sub.h-e-shab-e-wilaadat

shaadi rachi hui hai, bajte hai.n shaadiyaane
dulha bana wo dulha sub.h-e-shab-e-wilaadat

‘arsh-e-‘azeem jhoome, kaa’ba zameen choome
aata hai ‘arsh waala sub.h-e-shab-e-wilaadat

aamad ka shor sun kar, ghar aae hai.n bhikaari
ghere kha.De hai.n rasta sub.h-e-shab-e-wilaadat

aao faqeero ! aao, munh maangi aas paao
baab-e-kareem hai waa sub.h-e-shab-e-wilaadat

sookhi zabaano.n ! aao, ai jalti jaano ! aao
lehra raha hai dariya sub.h-e-shab-e-wilaadat

teri chamak damak se ‘aalam chamak raha hai
mere bhi baKHt chamka sub.h-e-shab-e-wilaadat

baanTa hai do-jahaa.n me.n, tu ne ziya ka baa.Da
de de Hasan ka hissa sub.h-e-shab-e-wilaadat

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

‘eid-e-meelaadunnabi hai, dil ba.Da masroor hai
har taraf hai shaadmaani, ranj-o-Gam kaafoor hai

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

is taraf jo noor hai to us taraf bhi noor hai
zarra zarra sab jahaa.n ka noor se maa’moor hai

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

Gam ke baadal chhaT gae aur Gam ke maare jhoom uThe
aa gaya KHushiyaa.n liye maah-e-rabiunnoor hai

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

aamina ! tujh ko mubaarak shaah ka meelaad ho
tera aangan noor, tera ghar ka ghar sab noor hai

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

jashn-e-meelaadunnabi hai, kyu.n na jhoome.n aaj ham
muskuraati hai.n bahaare.n, sab faza pur-noor hai

marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !
marhaba ! marhaba ! marhaba ya mustafa !

sarkaar ki aamad ! marhaba !
dildaar ki aamad ! marhaba !
sohne ki aamad ! marhaba !
makki ki aamad ! marhaba !
madani ki aamad ! marhaba !
pyaare ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
achchhe ki aamad ! marhaba !
sachche ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
pur-noor ki aamad ! marhaba !
aaqa ki aamad ! marhaba !
daata ki aamad ! marhaba !
sab mil kar bolo ! marhaba !
sab jhoom ke bolo ! marhaba !

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

sub.h tayba me.n hui, baT.ta hai baa.Da noor ka
sadqa le ne noor ka, aaya hai taara noor ka

mai.n gada tu baadshaah, bhar de piyaala noor ka
noor din doona tera, de Daal sadqa noor ka

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

teri nasl-e-paak me.n hai bachcha bachcha noor ka
tu hai ‘ain-e-noor, tera sab gharaana noor ka

naariyo.n ka daur tha, dil jal raha tha noor ka
tum ko dekha ho gaya Thanda kaleja noor ka

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

taaj waale ! dekh kar tera ‘amaama noor ka
sar jhukaate hai.n ilaahi bol-baala noor ka

ai Raza ! ye ahmad-e-noori ka faiz-e-noor hai
ho gai meri gazal ba.Dh kar qaseeda noor ka

sarkaar ki aamad ! marhaba !
dildaar ki aamad ! marhaba !
sohne ki aamad ! marhaba !
makki ki aamad ! marhaba !
madani ki aamad ! marhaba !
pyaare ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
achchhe ki aamad ! marhaba !
sachche ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
pur-noor ki aamad ! marhaba !
aaqa ki aamad ! marhaba !
daata ki aamad ! marhaba !
sab mil kar bolo ! marhaba !
sab jhoom ke bolo ! marhaba !

ya rasoolallah ! ya habeeballah !
pukaaro, ya rasoolallah ! ya habeeballah !

ya habeeb-e-kibriya ! ahla-wwa-sahlan marhaba
mustafa-o-mujtaba ! ahla-wwa-sahlan marhaba

peshwa-e-ambiya ! ahla-wwa-sahlan marhaba
mursalee.n ke muqtada ! ahla-wwa-sahlan marhaba

sarkaar ki aamad ! marhaba !
dildaar ki aamad ! marhaba !
sohne ki aamad ! marhaba !
makki ki aamad ! marhaba !
madani ki aamad ! marhaba !
pyaare ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
achchhe ki aamad ! marhaba !
sachche ki aamad ! marhaba !
huzoor ki aamad ! marhaba !
pur-noor ki aamad ! marhaba !
aaqa ki aamad ! marhaba !
daata ki aamad ! marhaba !
sab mil kar bolo ! marhaba !
sab jhoom ke bolo ! marhaba !

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